Quran Quote  : 

कुरान मजीद-29:60 सुरा अल-अन्कबूत हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफ़सीर (तफ़सीर).

وَكَأَيِّن مِّن دَآبَّةٖ لَّا تَحۡمِلُ رِزۡقَهَا ٱللَّهُ يَرۡزُقُهَا وَإِيَّاكُمۡۚ وَهُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلۡعَلِيمُ

लिप्यंतरण:( Wa ka ayyim min daaabbatil laa tahmilu rizqahaa; al laahu yarzuquhaa wa iyyaakum; wa Huwas Samee'ul Aleem )

कितने ही जीव हैं, जो अपनी रोज़ी नहीं उठा सकते।[37] अल्लाह ही उन्हें रोज़ी देता है और तुम्हें भी! और वह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।

सूरा अल-अन्कबूत आयत 60 तफ़सीर (टिप्पणी)



  • मुफ़्ती अहमद यार खान

37. ह़दीस में है कि यदि तुम अल्लाह पर पूरा भरोसा करो, तो वह तुम्हें पक्षियों के समान जीविका देगा जो सवेरे भूखा जाते हैं और शाम को अघा कर आते हैं। (तिर्मिज़ी : 2344, यह ह़दीस ह़सन सह़ीह़ है।)

Ibn-Kathir

The tafsir of Surah Ankabut verse 60 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Ankabut ayat 56 which provides the complete commentary from verse 56 through 60.

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