Quran Quote  : 

कुरान मजीद-25:19 सुरा अल-फुरक़ान हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफ़सीर (तफ़सीर).

فَقَدۡ كَذَّبُوكُم بِمَا تَقُولُونَ فَمَا تَسۡتَطِيعُونَ صَرۡفٗا وَلَا نَصۡرٗاۚ وَمَن يَظۡلِم مِّنكُمۡ نُذِقۡهُ عَذَابٗا كَبِيرٗا

लिप्यंतरण:( Faqad kazzabookum bimaa taqooloona famaa tastatee'oona sarfanw wa laa nasraa; wa many yazlim minkum nuziqhu 'azaaban kabeeraa )

तो उन्होंने[8] तुम्हें उस बात में झुठला दिया, जो तुम कहते हो। अतः तुम न किसी तरह (यातना) हटाने की शक्ति रखते हो और न किसी मदद की। और तुममें से जो अत्याचार[9] करेगा, हम उसे बहुत बड़ी यातना चखाएँगे।

सूरा अल-फुरक़ान आयत 19 तफ़सीर (टिप्पणी)



  • मुफ़्ती अहमद यार खान

8. यह अल्लाह का कथन है, जो वह मिश्रणवादियों से कहेगा कि तुम्हारे पूज्यों ने स्वयं अपने पूज्य होने को नकार दिया। 9. अत्याचार से तात्पर्य शिर्क (मिश्रणवाद) है। (सूरत-लुक़मान, आयत : 13)

Ibn-Kathir

The tafsir of Surah Furqan verse 19 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Furqan ayat 17 which provides the complete commentary from verse 17 through 19.

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