Quran Quote  : 

कुरान मजीद-91:3 सुरा हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफ़सीर (तफ़सीर).

وَٱلنَّهَارِ إِذَا جَلَّىٰهَا

लिप्यंतरण:( Wannahaari izaa jallaa haa )

3.और दिन की क़सम, जब वह (सूरज की) रौशनी को दिखाता है [3]।

सूरा आयत 3 तफ़सीर (टिप्पणी)



  • मुफ़्ती अहमद यार खान

3. सूरज और दिन के बीच संबंध (The Relationship Between the Sun and the Day)

सूरज दिन को दिखाई देने योग्य बनाता है (The Sun Makes the Day Visible):

  • सूरज मुख्य स्रोत है जो दिन को दिखाई देता है। जब सुबह की पहली रौशनी (सच्ची सुबह) प्रकट होती है, तो लोग समझ जाते हैं कि सूर्योदय नजदीक है।
  • जब सूरज पूरी तरह से उगता है और उसकी रौशनी चमकती है, तो यह दिन के आगमन की पुष्टि करता है।

बाहरी अस्तित्व और सूरज की भूमिका (External Existence and the Sun’s Role):

  • सूरज ही दिन का कारण है; यह दिन नहीं है जो सूरज को चमकाता है। दिन पूरी तरह से सूरज की रौशनी पर निर्भर है। सूरज के बिना दिन के उजाले का कोई कारण नहीं है।

सूरज और सच्ची सुबह का प्रतीकात्मक अर्थ (Symbolic Meaning of the Sun and True Dawn):

  • रूहानी दृष्टि से, \"सच्ची सुबह\" अल्लाह की हिदायत के पहले संकेतों का प्रतीक है। जैसे सूरज की रौशनी दुनिया को रोशन करती है, वैसे ही सूरज का पूरा उगना सत्य के पूर्ण प्रकट होने का प्रतीक है, जो अंधेरे को दूर करके दुनिया में स्पष्टता लाता है।

Ibn-Kathir

The tafsir of Surah Ash-Shams verse 3 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Ash-Shams ayat 1 which provides the complete commentary from verse 1 through 10.

सूरा सभी आयत (छंद)

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