Quran Quote  : 

कुरान मजीद-89:20 सुरा अल-फज्र हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफ़सीर (तफ़सीर).

وَتُحِبُّونَ ٱلۡمَالَ حُبّٗا جَمّٗا

लिप्यंतरण:( Wa tuhibboonal maala hubban jammaa )

और तुम धन से बहुत अधिक प्रेम करते हो।[3]

सूरा अल-फज्र आयत 20 तफ़सीर (टिप्पणी)



  • मुफ़्ती अहमद यार खान

3. (15-20) इन आयतों में समाज की साधारण नैतिक स्थिति का सर्वेक्षण किया गया है, और भौतिकवादी विचार की आलोचना की गई है, जो मात्र सांसारिक धन और मान मर्यादा को सम्मान तथा अपमान का पैमाना समझता है और यह भूल गया है कि न धनी होना कोई पुरस्कार है और न निर्धन होना कोई दंड है। अल्लाह दोनों स्थितियों में मानवजाति की परीक्षा ले रहा है। फिर यह बात किसी के बस में हो तो दूसरे का धन भी हड़प कर जाए, क्या ऐसा करना कुकर्म नहीं जिसका ह़िसाब लिया जाना चाहिए?

Ibn-Kathir

The tafsir of Surah Fajr verse 20 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Fajr ayat 15 which provides the complete commentary from verse 15 through 21.

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