Quran Quote  : 

कुरान मजीद-36:15 सुरा या-सीन हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफ़सीर (तफ़सीर).

قَالُواْ مَآ أَنتُمۡ إِلَّا بَشَرٞ مِّثۡلُنَا وَمَآ أَنزَلَ ٱلرَّحۡمَٰنُ مِن شَيۡءٍ إِنۡ أَنتُمۡ إِلَّا تَكۡذِبُونَ

लिप्यंतरण:( Qaaloo maaa antum illaa basharum mislunaa wa maaa anzalar Rahmaanu min shai'in in antum illaa takziboon )

उन्होंने कहा : तुम सब तो हमारे ही जैसे मनुष्य[7] हो, और अत्यंत दयावान् (अल्लाह) ने कुछ भी नहीं उतारा है। तुम तो बस झूठ बोल रहे हो।

सूरा या-सीन आयत 15 तफ़सीर (टिप्पणी)



  • मुफ़्ती अहमद यार खान

7. प्राचीन युग से मुश्रिकों तथा कुपथों ने अल्लाह के रसूलों को इसी कारण नहीं माना कि एक मनुष्य अल्लाह का रसूल कैसे हो सकता है? यह तो खाता-पीता तथा बाज़ारों में चलता-फिरता है। (देखिए : सूरतुल-फ़ुर्क़ान, आयत : 7-20, सूरतुल-अंबिया, आयत : 3,7,8, सूरतुल-मूमिनून, आयत : 24, 33-34, सूरत इबराहीम, आयत : 10-11, सूरतुल-इसरा, आयत : 94-95, और सूरतुत्-तग़ाबुन, आयत : 6)

Ibn-Kathir

The tafsir of Surah Yaseen verse 15 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Yaseen ayat 13 which provides the complete commentary from verse 13 through 17.

सूरा या-सीन सभी आयत (छंद)

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