Quran Quote  : 

कुरान मजीद-43:53 सुरा अज़-ज़ुख़रुफ़ हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफ़सीर (तफ़सीर).

فَلَوۡلَآ أُلۡقِيَ عَلَيۡهِ أَسۡوِرَةٞ مِّن ذَهَبٍ أَوۡ جَآءَ مَعَهُ ٱلۡمَلَـٰٓئِكَةُ مُقۡتَرِنِينَ

लिप्यंतरण:( Falaw laa ulqiya 'alaihi aswiratun min zahabin aw jaaa'a ma'ahul malaaa'ikatu muqtarineen )

सो उसपर सोने के कंगन क्यों नहीं डाले गए, या उसके साथ फ़रिश्ते मिलकर क्यों नहीं आए?[16]

सूरा अज़-ज़ुख़रुफ़ आयत 53 तफ़सीर (टिप्पणी)



  • मुफ़्ती अहमद यार खान

16. अर्थात यदि मूसा (अलैहिस्सलाम) अल्लाह का रसूल होता, तो उसके पास राज्य, और हाथों में सोने के कंगन तथा उसकी रक्षा के लिए फ़रिश्तों को उसके साथ रहना चाहिए था। जैसे मेरे पास राज्य, हाथों में सोने के कंगन तथा सुरक्षा के लिये सेना है।

Ibn-Kathir

The tafsir of Surah Zukhruf verse 53 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Zukhruf ayat 51 which provides the complete commentary from verse 51 through 56.

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