Quran Quote  : 

कुरान मजीद-11:110 सुरा हूद हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफ़सीर (तफ़सीर).

وَلَقَدۡ ءَاتَيۡنَا مُوسَى ٱلۡكِتَٰبَ فَٱخۡتُلِفَ فِيهِۚ وَلَوۡلَا كَلِمَةٞ سَبَقَتۡ مِن رَّبِّكَ لَقُضِيَ بَيۡنَهُمۡۚ وَإِنَّهُمۡ لَفِي شَكّٖ مِّنۡهُ مُرِيبٖ

लिप्यंतरण:( Wa laqad aatainaa Moosal Kitaaba fakhtulifa feeh; wa law laa Kalimatun sabaqat mir Rabbika laqudiya bainahum; wa innahum lafee shakkim minhu mureeb )

और हमने मूसा को पुस्तक (तौरात) प्रदान की। तो उसमें विभेद किया गया। और यदि आपके पालनहार ने पहले से एक बात[40] निश्चित न की होती, तो उनके बीच निर्णय कर दिया गया होता। और निःसंदेह वे[41] उस (क़ुरआन) के बारे में असमंजस में डाल देनेवाले संदेह में पड़े हुए हैं।

सूरा हूद आयत 110 तफ़सीर (टिप्पणी)



  • मुफ़्ती अहमद यार खान

40. अर्थात यह कि संसार में प्रत्येक को अपनी इच्छानुसार कर्म करने का अवसर दिया जाएगा। 41. अर्थात मिश्रणवादी क़ुरआन के विषय में।

Ibn-Kathir

The tafsir of Surah Hud verse 110 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Hud ayat 109 which provides the complete commentary from verse 109 through 111.

सूरा हूद सभी आयत (छंद)

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