Quran Quote  : 

कुरान मजीद-78:20 सुरा अन्नबा हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफ़सीर (तफ़सीर).

وَسُيِّرَتِ ٱلۡجِبَالُ فَكَانَتۡ سَرَابًا

लिप्यंतरण:( Wa suyyi raatil jibaalu fa kaanat saraaba )

और पर्वत चलाए जाएँगे, तो वे मरीचिका बन जाएँगे।[3]

सूरा अन्नबा आयत 20 तफ़सीर (टिप्पणी)



  • मुफ़्ती अहमद यार खान

3. (17-20) इन आयतों में बताया जा रहा है कि निर्णय का दिन अपने निश्चित समय पर आकर रहेगा, उस दिन आकाश तथा धरती में एक बड़ी उथल-पुथल होगी। इसके लिए सूर में एक फूँक मारने की देर है। फिर जिसकी सूचना दी जा रही है तुम्हारे सामने आ जाएगी। तुम्हारे मानने या न मानने का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। और सब अपना ह़िसाब देने के लिए अल्लाह के न्यायालय की ओर चल पड़ेंगे।

Ibn-Kathir

The tafsir of Surah Naba verse 19 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Naba ayat 17 which provides the complete commentary from verse 17 through 30.

सूरा अन्नबा सभी आयत (छंद)

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