Quran Quote  : 

कुरान मजीद-100:3 सुरा हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफ़सीर (तफ़सीर).

فَٱلۡمُغِيرَٰتِ صُبۡحٗا

लिप्यंतरण:( Fal mugheeraati subha )

3.और सुबह के समय छापे मारते हैं [3]।

सूरा आयत 3 तफ़सीर (टिप्पणी)



  • मुफ़्ती अहमद यार खान

सूरह अदियात: सुबह के हमले से सीखें (Surah Adiyat: Lessons from the Early Attack)

इस आयत में मुस्लिम सैनिकों के घोड़ों का उल्लेख है, जो रात के समय चलते हैं और भोर से पहले काफिरों (infidels) पर हमला करते हैं। यह दृश्य ईमान वालों के लिए कई सबक प्रदान करता है।

मुख्य चिंतन (Key Reflections)

1. सुबह के प्रयासों की बरकतें (Blessings in Early Morning Efforts)

  • भोर के समय किया गया हमला इस बात का प्रतीक है कि इस समय किए गए कार्यों में अल्लाह की विशेष कृपा और बरकत होती है।
  • चाहे जिहाद (Holy War) हो या कोई अन्य कार्य, सुबह के समय किए गए कार्यों को अल्लाह अधिक पसंद करता है और इनके सकारात्मक परिणाम निकलने की संभावना अधिक होती है।

2. सुबह का प्रतीकात्मक अर्थ: नवीनीकरण का समय (Symbolism of Dawn as a Time of Renewal)

  • सुबह एक नए आरंभ (new beginning) और स्पष्टता (clarity) का समय है।
  • जैसे यह हमला रणनीतिक और निर्णायक था, वैसे ही इस समय में किए गए कार्य अधिक ध्यान और दृढ़ संकल्प से भरे होते हैं।

3. दैनिक जीवन के लिए व्यापक महत्व (Broad Implications for Daily Life)

  • यह शिक्षा जिहाद की सीमा से परे जाती है।
  • सुबह के समय किए गए सभी धार्मिक और सांसारिक कार्य, जैसे इबादत (worship), काम, या अध्ययन, शुभ (auspicious) और बरकत वाले माने जाते हैं।

सुबह के समय पर सुन्नत और शिक्षाएं (Sunnah and Teachings on Early Morning)

  • पैगंबर मुहम्मद ﷺ ने सुबह के समय की बरकतों पर जोर दिया है:
    • \"ऐ अल्लाह, मेरी उम्मत के लिए उनकी सुबहों में बरकत दे।\" [तिर्मिज़ी (Tirmidhi)]
  • यह हमें प्रेरित करता है कि सुबह के समय को उत्पादकता (productivity) और आध्यात्मिक इबादत (spiritual devotion) के लिए उपयोग करें।

प्राप्त सबक (Lessons Derived)

1. सुबह की बरकतों का अधिकतम लाभ उठाएं (Maximizing Blessings in the Morning)

  • ईमान वालों को सुबह जल्दी उठने की आदत डालनी चाहिए ताकि वे सांसारिक और आध्यात्मिक सफलता प्राप्त कर सकें।

2. सफलता के लिए रणनीतिक योजना (Strategic Planning for Success)

  • जैसे सैनिकों के भोर के समय किए गए हमले ने समय और तैयारी के महत्व को दर्शाया, वैसे ही ईमान वालों को अपने कार्यों की योजना समझदारी से बनानी चाहिए और उन्हें सही समय पर शुरू करना चाहिए।

3. सुबह को चिंतन और इबादत का समय बनाएं (Morning as a Time of Reflection and Worship)

  • सुबह के समय को इबादत (जैसे तहज्जुद या फज्र की नमाज़) और दैनिक कार्यों की योजना बनाने के लिए उपयोग करें। यह समय नई ऊर्जा और उद्देश्य (purpose) के साथ शुरू करने का अवसर प्रदान करता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

सूरह अदियात में सैनिकों के भोर के हमले से हमें यह सीख मिलती है कि सुबह के समय किए गए कार्यों में अपार बरकत होती है। यह ईमान वालों को प्रेरित करता है कि वे सुबह की शांति और ध्यान का उपयोग धार्मिक और सांसारिक कार्यों के लिए करें, ताकि उनकी मेहनत में उत्पादकता (productivity) और अल्लाह की कृपा (Divine grace) शामिल हो सके।

Ibn-Kathir

The tafsir of Surah Adiyat verse 3 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Adiyat ayat 1 which provides the complete commentary from verse 1 through 11.

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