Quran Quote  : 

कुरान मजीद-5:23 सुरा हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफ़सीर (तफ़सीर).

قَالَ رَجُلَانِ مِنَ ٱلَّذِينَ يَخَافُونَ أَنۡعَمَ ٱللَّهُ عَلَيۡهِمَا ٱدۡخُلُواْ عَلَيۡهِمُ ٱلۡبَابَ فَإِذَا دَخَلۡتُمُوهُ فَإِنَّكُمۡ غَٰلِبُونَۚ وَعَلَى ٱللَّهِ فَتَوَكَّلُوٓاْ إِن كُنتُم مُّؤۡمِنِينَ

लिप्यंतरण:( Qaala rajulaani minal lazeena yakhaafoona an'amal laahu 'alaihimad khuloo 'alaihimul baab, fa izaa dakhaltumoohu fa innakum ghaaliboon; wa 'alal laahi fatawakkalooo in kuntum mu'mineen )

दो आदमियों ने, जो अल्लाह से डरते थे और जिन्हें अल्लाह ने नेअमत दी थी [86], कहा: तुम दरवाज़े से उन पर हमला करो, फिर जब तुम दाख़िल हो जाओगे तो निश्चय ही तुम ग़ालिब आओगे [87]। और अल्लाह पर भरोसा रखो, अगर तुम ईमान वाले हो [88]।

सूरा आयत 23 तफ़सीर (टिप्पणी)



  • मुफ़्ती अहमद यार खान

📖 सूरा अल-मायिदा – आयत 23 की तफ़्सीर

 

✅ [86] अल्लाह से डरने वाले और विशेष कृपा पाए हुए दो पुरुष

इन दो व्यक्तियों में एक थे कालिब बिन युक़न्ना, जो हज़रत मूसा عليه السلام के बहनोई थे —
यानी हज़रत मरयम बिन्त इमरान के शौहर

दूसरे थे युशअ बिन नून, जो फरातीह बिन यूसुफ के बेटे थे।

यह दोनों ऐसे लोग थे जो अल्लाह से सच्चा डर रखते थे,
और अल्लाह ने उन्हें अपनी ख़ास नेमतों से नवाज़ा था

✅ [87] इल्मे ग़ैब और अल्लाह की बरकतें

इस आयत से यह मालूम होता है कि अल्लाह अपने नेक बंदों को इल्मे ग़ैब
यानी छिपे हुए हालात की जानकारी से नवाज़ता है।

कालिब और युशअ दोनों को यह इल्हामी इत्तिला दी गई थी कि अगर लोग हिम्मत करके दरवाज़े से दाख़िल हो जाएं,
तो वे ज़रूर कामयाब होंगे

यह दोनों रूहानी बसीरत और अल्लाह की रहमतों से माले-माल थे।

✅ [88] तादाद पर नहीं, अल्लाह पर भरोसा

इससे यह समझ आता है कि कामयाबी तादाद या ताक़त पर नहीं,
बल्कि अल्लाह पर भरोसे पर मुनहसिर होती है।

छोटे से परिंदे (अबाबील) से हाथियों के लश्कर को हलाक किया जा सकता है —
यह अल्लाह की क़ुदरत है।

सच्चा मोमिन वही है जो हालात कितने भी मुश्किल हों,
पूरा भरोसा अल्लाह पर रखे, और उसी से नुसरत की उम्मीद रखे।

Ibn-Kathir

The tafsir of Surah Maidah verse 23 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Maidah ayat 20 which provides the complete commentary from verse 20 through 26.

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