Quran Quote  : 

कुरान मजीद-5:30 सुरा हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफ़सीर (तफ़सीर).

فَطَوَّعَتۡ لَهُۥ نَفۡسُهُۥ قَتۡلَ أَخِيهِ فَقَتَلَهُۥ فَأَصۡبَحَ مِنَ ٱلۡخَٰسِرِينَ

लिप्यंतरण:( Fatawwa'at lahoo nafsu hoo qatla akheehi faqatalahoo fa asbaha minal khaasireen )

उसके नफ़्स ने उसे अपने भाई को क़त्ल करने पर उभार दिया, तो उसने उसे क़त्ल कर डाला [104] और वह नुकसान उठाने वालों में से हो गया [105]

सूरा आयत 30 तफ़सीर (टिप्पणी)



  • मुफ़्ती अहमद यार खान

📖 सूरा अल-मायदा – आयत 30 की तफ़्सीर

 

✅ [104] क़ाबील द्वारा हत्या का तरीका

यह संकेत करता है कि क़ाबील ने हाबील का सिर एक पत्थर पर रखा और दूसरे पत्थर से कुचल दिया। यह तरीका उसे शैतान ने सिखाया था। यह घटना या तो मक्का में या बसरा में घटी, उस समय हाबील की उम्र लगभग बीस वर्ष थी।

✅ [105] इस घटना से प्राप्त होने वाले सबक

इस दुखद घटना से कई महत्वपूर्ण बातें सामने आती हैं:
इंसान द्वारा किया गया पहला जुर्म क़त्ल था, जो इंसानों के बीच पहली खून-खराबी का कार्य बना।
हसद (ईर्ष्या) एक खतरनाक बुराई है; यही ईर्ष्या शैतान की तबाही का कारण बनी, जो इसकी विनाशकारी शक्ति को दर्शाती है।
दुनिया की पहली फ़साद और बग़ावत का कारण एक औरत बनी
औरत, माल-दौलत और जायदाद — ये तीन चीज़ें दुनिया में फ़साद की जड़ हैं

Ibn-Kathir

The tafsir of Surah Maidah verse 30 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Maidah ayat 27 which provides the complete commentary from verse 27 through 31.

Sign up for Newsletter