लिप्यंतरण:( Zaalikum fazooqoohu wa anna lilkaafireena 'azaaban Naar )
तो अब इसका मज़ा चखो [30], और जान लो कि काफ़िरों के लिए जहन्नम का आज़ाब है।
यहाँ "तो अब इसका मज़ा चखो" से मुराद है कि बद्र में काफ़िरों ने जो शिकस्त उठाई, वह दुनियावी सज़ा थी।
लेकिन यह सज़ा आख़िरत की सज़ा को कम नहीं करेगी, बल्कि जहन्नम का अजाब इसके साथ रहेगा।
दुनियावी सज़ा के मुक़ाबले में आख़िरत का अजाब बहुत शदीद (सख़्त) है, इसलिए अल्लाह ने "चखो" का लफ़्ज़ इस्ते‘माल किया, जिससे इसके मुक़ाबले में दुनियावी शिकस्त की हक़ीक़त को छोटी और हल्की बताया गया।
The tafsir of Surah Al-Anfal verse 14 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Anfal ayat 11 which provides the complete commentary from verse 11 through 14.

सूरा आयत 14 तफ़सीर (टिप्पणी)