Quran Quote  : 

कुरान मजीद-8:51 सुरा हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफ़सीर (तफ़सीर).

ذَٰلِكَ بِمَا قَدَّمَتۡ أَيۡدِيكُمۡ وَأَنَّ ٱللَّهَ لَيۡسَ بِظَلَّـٰمٖ لِّلۡعَبِيدِ

लिप्यंतरण:( Zaalika bimaa qaddamat aideekum wa anal laaha laisa bizallaamil lil 'abeed )

यह उन कर्मों के प्रतिफल के रूप में है जो तुम्हारे हाथों ने पहले भेजे। और अल्लाह अपने बन्दों के साथ अन्याय नहीं करता [121]।

सूरा आयत 51 तफ़सीर (टिप्पणी)



  • मुफ़्ती अहमद यार खान

📖 सूरा अल-अनफ़ाल – आयत 51 की तफ़्सीर

✅ [121] क़ब्र की सज़ा और कर्मों का संबंध

इसका तात्पर्य यह है कि क़ब्र में सज़ा सीधे व्यक्ति के अपने बुरे कर्मों का परिणाम होती है। हदीस में कहा गया है कि जो लोग मल-मूत्र से अपने आप को बचाने में असफल रहते हैं या बुराई करते हैं, उन्हें क़ब्र की अंधेरी सज़ा भोगनी पड़ेगी। इसके विपरीत, जो लोग मस्जिदों को रोशन करते हैं, उन्हें अपनी क़ब्र में रोशनी का इनाम मिलेगा। यह आयत पुष्टि करती है कि अल्लाह कभी अन्यायी नहीं है, और जो कुछ भी किसी आत्मा पर होता है, वह पूरी तरह उसके अपने कर्मों का परिणाम होता है।

Ibn-Kathir

The tafsir of Surah Al-Anfal verse 51 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Anfal ayat 50 which provides the complete commentary from verse 50 through 51.

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