Quran Quote  : 

कुरान मजीद-83:3 सुरा हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफ़सीर (तफ़सीर).

وَإِذَا كَالُوهُمۡ أَو وَّزَنُوهُمۡ يُخۡسِرُونَ

लिप्यंतरण:( Wa izaa kaaloohum aw wazanoohum yukhsiroon )

3. लेकिन जब दूसरों को नाप-तौल कर देते हैं तो उसमें कमी करते हैं[3]।

सूरा आयत 3 तफ़सीर (टिप्पणी)



  • मुफ़्ती अहमद यार खान

नाप-तौल में कमी करना (Reducing Measure and Weight) – आयत 83:3 की तफ़सीर (Commentary of Verse 83:3)

\"लेकिन जब वे दूसरों को नाप या तौल कर देते हैं, तो उसमें कमी कर देते हैं।\"

बुरी नीयत अच्छे अमल को गुनाह बना देती है (Evil Intentions Turn Good Deeds into Sin)

यह आयत उन बेईमान व्यापारियों की निंदा करती है जो दूसरों को तौल या नाप में धोखा देते हैं। इस आयत से एक अहम सबक यह मिलता है कि नीयत का बहुत महत्व है—कोई भी अमल अच्छा या बुरा उसकी नीयत के अनुसार बनता है।

  • जो व्यापारी आज पूरा नाप दे लेकिन आगे धोखा देने का इरादा रखे, वह पहले से ही गुनाहगार है।
  • जो व्यक्ति मस्जिद केवल चोरी की नीयत से जाए, वह पवित्र स्थान में होते हुए भी गुनाह करता है।

इसलिए, अगर कोई नेक अमल बुरी नीयत से किया जाए, तो वह अल्लाह के नज़दीक गुनाह बन जाता है।

Ibn-Kathir

The tafsir of Surah Mutaffifin verse 3 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Mutaffifin ayat 1 which provides the complete commentary from verse 1 through 6.

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