लिप्यंतरण:( Hal suwwibal kuffaaru maa kaanoo yaf'aloon )
\"क्या कुफ़्फ़ार को उनके आमाल का पूरा बदला नहीं दिया गया?\" (सूरह अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन 83:36)
इस आयत में यह बयान किया गया है कि कुफ़्फ़ार अपने आमाल का पूरा अंजाम पाएंगे। उनसे पूछा जाएगा:
🔹 क्या तुम्हें तुम्हारे आमाल का पूरा बदला मिल गया?
🔹 क्या अब तुम्हें अपनी तकब्बुर (घमंड) और कुफ़्र का अंजाम नज़र आ रहा है?
🟢 आख़िरत में कोई ज़ुल्म नहीं होगा
🔹 कुफ़्फ़ार पर नाइंसाफ़ी नहीं होगी, बल्कि उन्हें वही सज़ा दी जाएगी, जिसके वे हक़दार होंगे।
🔹 जो गुनाह उन्होंने किए, वही उनकी तबाही का सबब बनेंगे।
🟢 हर अमल का अंजाम होता है
🔹 उन्होंने दुनिया में ईमान वालों का मज़ाक़ उड़ाया, उन्हें सताया, अब वही अमल उनके लिए सख़्त अज़ाब बन चुके हैं।
🟢 हिसाब से पहले ही बदला दिखाया जाएगा
🔹 उनके मुकम्मल हिसाब-किताब से पहले ही उन्हें उनके ग़लत काम याद दिलाए जाएंगे और उनके अज़ाब को दिखाया जाएगा।
यह आयत अल्लाह के मुकम्मल इंसाफ़ को बयान करती है कि किसी पर ज़ुल्म नहीं होगा, हर शख़्स को उसी के आमाल का बदला मिलेगा।
The tafsir of Surah Mutaffifin verse 36 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Mutaffifin ayat 29 which provides the complete commentary from verse 29 through 36.

सूरा आयत 36 तफ़सीर (टिप्पणी)