लिप्यंतरण:( 'Alal araaa'iki yanzuroon )
\"जबकि वे आराम से मसनदों (सोफों) पर बैठे देख रहे होंगे।\" (सूरह अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन 83:35)
इस आयत में बताया गया है कि दुनिया में जिन ईमान वालों का मज़ाक़ उड़ाया गया, आख़िरत में वे इज़्ज़त से जन्नत में होंगे, जबकि कुफ़्फ़ार रुसवाई और अज़ाब में होंगे।
🟢 जहन्नमी लोगों से हमदर्दी नहीं होगी
🔹 जन्नत में मौजूद ईमान वालों को उनके जहन्नमी रिश्तेदारों या दोस्तों के अज़ाब पर कोई अफ़सोस नहीं होगा।
🔹 एक मोमिन बाप भी अपने काफ़िर बेटे की सज़ा पर ग़म नहीं करेगा, बल्कि अल्लाह के इंसाफ़ पर ख़ुश होगा।
🟢 जन्नत में असीमित नज़र (Unlimited Vision in Paradise)
🔹 जन्नत सात आसमानों के ऊपर और जहन्नम ज़मीन से लाखों मील नीचे होगी, लेकिन फिर भी मोमिन जहन्नमियों को देख सकेंगे।
🔹 जब जन्नती लोग जहन्नम का हाल देख सकते हैं, तो इस बात में कोई हैरत नहीं कि नबी ﷺ गुम्बद-ए-ख़ज़रा से पूरी दुनिया को देख सकते हैं।
यह आयत अल्लाह के मुकम्मल इंसाफ़ और आख़िरत में ईमान वालों के एहतराम को साबित करती है।
The tafsir of Surah Mutaffifin verse 35 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Mutaffifin ayat 29 which provides the complete commentary from verse 29 through 36.

सूरा आयत 35 तफ़सीर (टिप्पणी)