लिप्यंतरण:( Wa Rusulan qad qasas naahum 'alaika min qablu wa Rusulal lam naqsushum 'alaik; wa kallamallaahu Moosaa takleemaa )
और कुछ रसूल ऐसे हैं जिनका हम आपसे पहले ज़िक्र कर चुके हैं [469], और कुछ ऐसे रसूल भी हैं जिनका हमने आपसे ज़िक्र नहीं किया। और अल्लाह ने मूसा से वाक़ई बातचीत की [470]।
इस आयत में यह स्पष्ट किया गया है कि सभी नबियों का नाम और विवरण कुरआन में नहीं दिया गया, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हुज़ूर ﷺ उन्हें नहीं जानते।
📌 नसीहत:
किसी नबी का नाम कुरआन में न आने का मतलब यह नहीं कि वह नबी नहीं थे।
वह़ी (ईश्वरीय संदेश) ज़रूरत के मुताबिक और समय पर उतारी जाती रही है।
इस वाक्य में दो अहम बातें हैं:
The tafsir of Surah Nisa verse 164 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Nisa ayat 163 which provides the complete commentary from verse 163 through 165.

सूरा आयत 164 तफ़सीर (टिप्पणी)