Quran Quote  : 

कुरान मजीद-4:173 सुरा हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफ़सीर (तफ़सीर).

فَأَمَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّـٰلِحَٰتِ فَيُوَفِّيهِمۡ أُجُورَهُمۡ وَيَزِيدُهُم مِّن فَضۡلِهِۦۖ وَأَمَّا ٱلَّذِينَ ٱسۡتَنكَفُواْ وَٱسۡتَكۡبَرُواْ فَيُعَذِّبُهُمۡ عَذَابًا أَلِيمٗا وَلَا يَجِدُونَ لَهُم مِّن دُونِ ٱللَّهِ وَلِيّٗا وَلَا نَصِيرٗا

लिप्यंतरण:( Fa ammal lazeena aamanoo wa 'amilus saalihaati fa yuwaffeehim ujoorahum wa yazeeduhum min fadlihee wa ammal lazeenas tankafoo wastakbaroo fa yu'azzibuhum 'azaaban aleema wa laa yajidoona lahum min doonil laahi waliyyanw wa laa naseeraa )

जो लोग ईमान लाए और नेक अमल किए, उन्हें वह उनका पूरा इनाम देगा और अपने फ़ज़ल से और ज़्यादा भी अता फरमाएगा [489]। लेकिन जिन्होंने घमंड किया और इंकार किया, उन्हें वह सख़्त सज़ा देगा। और उन्हें अल्लाह के सिवा न कोई मददगार मिलेगा और न कोई हिमायती [490]।

सूरा आयत 173 तफ़सीर (टिप्पणी)



  • मुफ़्ती अहमद यार खान

📖 सूरा अन-निसा – आयत 173 की तफ़्सीर

 

✅ [489] नेक लोगों के लिए इनाम और अल्लाह का विशेष फ़ज़ल

इससे हमें मालूम होता है कि सच्चे मोमिन को सिर्फ़ उसके अमल का पूरा इनाम ही नहीं मिलेगा, बल्कि अल्लाह अपने करम से और भी ज़्यादा अता फरमाएगा
इन विशेष इनामों में शामिल हैं:
जन्नत में अल्लाह का दीदार
अमल से कहीं बढ़कर इनाम
हमेशा की इज़्ज़त और क़ुबूलियत
यह सब कुछ सिर्फ़ अमल की बुनियाद पर नहीं, बल्कि अल्लाह की बेहिसाब रहमत और करम से अता किया जाएगा।

✅ [490] घमंडी और इंकारी लोगों की बेबसी

इस हिस्से में साफ़ किया गया है कि जो लोग तकब्बुर और इंकार में डूबे रहे, उनके लिए सख़्त सज़ा तय है।
ऐसे लोग अख़िरत में बिल्कुल तन्हा और बेसहारा होंगे — न कोई मददगार मिलेगा, न कोई सिफ़ारिश करने वाला
इसके उलट, अल्लाह ने मोमिनों से मदद और रहमत का वादा किया है।
इनकार करने वालों की यह बेबसी खुद एक शर्मनाक सज़ा है, जो उनकी आख़िरी ज़िल्लत को ज़ाहिर करती है।

Ibn-Kathir

The tafsir of Surah Nisa verse 173 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Nisa ayat 172 which provides the complete commentary from verse 172 through 173.

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