Quran Quote  : 

कुरान मजीद-2:157 सुरा हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफ़सीर (तफ़सीर).

أُوْلَـٰٓئِكَ عَلَيۡهِمۡ صَلَوَٰتٞ مِّن رَّبِّهِمۡ وَرَحۡمَةٞۖ وَأُوْلَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡمُهۡتَدُونَ

लिप्यंतरण:( Ulaaa'ika 'alaihim salawaatun mir Rabbihim wa rahma; wa ulaaa'ika humul muhtadoon )

157.वे वही लोग हैं जिन पर उनके रब की तरफ़ से बरकतें और रहमतें [330] हैं, और वही सही रास्ते पर चलने वाले हैं।

सूरा आयत 157 तफ़सीर (टिप्पणी)



  • मुफ़्ती अहमद यार खान

[330] सब्र करने वालों के लिए इनाम

  • ऐसे सब्र करने वाले लोगों पर अल्लाह ख़ास और आम दोनों तरह की बरकतें और फ़ज़ीलतें नाज़िल करता है।
  • सब्र का फल हमेशा मीठा होता है, क्योंकि जो लोग ईमान और सहनशीलता के साथ तकलीफ़ें सहते हैं, अल्लाह उनकी रहमत और हिदायत से उन्हें नवाज़ता है।
  • बरकतें और रहमतें: अल्लाह की बरकतें दो तरह की होती हैं — एक ख़ास बरकतें जो सब्र करने वालों के लिए होती हैं, और दूसरी आम बरकतें जो पूरे क़ायनात में फैलती हैं।
  • सही हिदायत: जो लोग मुश्किलों में सब्र करते हैं, उन्हें अल्लाह सही रास्ता दिखाता है ताकि वे ज़िंदगी की मुश्किलों के बावजूद सही राह पर टिके रहें।

Ibn-Kathir

The tafsir of Surah Baqarah verse 156 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Baqarah ayat 155 which provides the complete commentary from verse 155 through 157.

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