Quran Quote  : 

कुरान मजीद-2:202 सुरा हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफ़सीर (तफ़सीर).

أُوْلَـٰٓئِكَ لَهُمۡ نَصِيبٞ مِّمَّا كَسَبُواْۚ وَٱللَّهُ سَرِيعُ ٱلۡحِسَابِ

लिप्यंतरण:( Ulaaa'ika lahum naseebum mimmaa kasaboo; wal laahu saree'ul hisaab )

[202] "ऐसे लोगों को उनकी कमाई में से हिस्सा मिलता है। और अल्लाह हिसाब लेने में तेज़ है।" [473][474]

सूरा आयत 202 तफ़सीर (टिप्पणी)



  • मुफ़्ती अहमद यार खान

[473]

दुआ एक अमल और सवाब का जरिया
यह आयत बताती है कि दुआ न केवल एक ज़रिया (मार्ग) है किसी चीज़ को हासिल करने का, बल्कि यह एक इबादत भी है, जिसके बदले अल्लाह से सवाब मिलता है। यह यह भी दर्शाती है कि कोई नेक काम करने के बाद दुआ करना वाजिब (चाहिए) है, जैसे कि सलातुल जनाज़ाह के बाद दुआ करना, जो खुद एक फ़ज़ीलती (अच्छा) अमल है।

[474]

अल्लाह का तेज़ हिसाब लेना
अल्लाह क़यामत के दिन हमारे सारे अमलों का तेज़ी से हिसाब करेगा। इसका मतलब यह भी है कि हालांकि हिसाब तेज़ होगा, दिन के एक बड़े हिस्से में पैग़ंबर ﷺ की ताज़ीम (सम्मान) होगी, क्योंकि यह उस दिन के सबसे बड़े मक़सदों में से एक है। अल्लाह ने फरमाया है:
"यह क़रीब है, ताकि तुम्हारा रब एक ऐसी जगह पर तुम्हारी तारीफ़ करे जहाँ सभी तुम्हारी प्रशंसा करें।"

Ibn-Kathir

The tafsir of Surah Baqarah verse 201 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Baqarah ayat 200 which provides the complete commentary from verse 200 through 202.

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