Quran Quote  : 

कुरान मजीद-2:77 सुरा हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफ़सीर (तफ़सीर).

أَوَلَا يَعۡلَمُونَ أَنَّ ٱللَّهَ يَعۡلَمُ مَا يُسِرُّونَ وَمَا يُعۡلِنُونَ

लिप्यंतरण:( Awalaa ya'lamoona annal laaha ya'lamu maa yusirroona wa maa yu'linoon )

[77] क्या वे नहीं जानते कि अल्लाह जानता है जो कुछ वे छिपाते हैं और जो कुछ वे ज़ाहिर करते हैं? [138]

सूरा आयत 77 तफ़सीर (टिप्पणी)



  • मुफ़्ती अहमद यार खान

[138]

अल्लाह सब जानता है — छुपा हुआ भी और ज़ाहिर भी:
यह आयत यहूदियों को याद दिलाती है कि वे जो कुछ भी अपने दिलों में छिपाते हैं या ज़बान से कहते हैं — अल्लाह उसे पूरी तरह जानता है।

वे लोग जो नबी करीम ﷺ के बारे में अपनी किताबों में लिखी गई सच्चाई को छिपाते थे, उन्हें यह चेतावनी दी गई है कि अल्लाह की नज़र से कुछ भी छुपा नहीं। यह चेतावनी आज के मुसलमानों के लिए भी है — अगर कोई नबी की शान और ज़िक्र से लोगों को रोकता है या उसे कमतर दिखाने की कोशिश करता है, तो वह भी उसी गलत रवैये को अपनाता है जो पहले यहूदियों ने अपनाया था।

Ibn-Kathir

The tafsir of Surah Baqarah verse 77 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Baqarah ayat 75 which provides the complete commentary from verse 75 through 77.

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