Quran Quote  : 

कुरान मजीद-3:53 सुरा हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफ़सीर (तफ़सीर).

رَبَّنَآ ءَامَنَّا بِمَآ أَنزَلۡتَ وَٱتَّبَعۡنَا ٱلرَّسُولَ فَٱكۡتُبۡنَا مَعَ ٱلشَّـٰهِدِينَ

लिप्यंतरण:( Rabbanaaa aamannaa bimaaa anzalta wattaba'nar Rasoola faktubnaa ma'ash shaahideen )

“ऐ हमारे रब! हमने उस चीज़ पर ईमान लाया जो तूने नाज़िल की है, और हमने रसूल की पैरवी की है, लिहाज़ा हमें गवाहों में लिख ले [116]।”

सूरा आयत 53 तफ़सीर (टिप्पणी)



  • मुफ़्ती अहमद यार खान

📖 सूरह आले-इमरान – आयत 53 की तफ़्सीर

 

✅ [116] “गवाहों में लिख ले” का मतलब

“गवाह” यानी वह लोग जो हक़ (सच्चाई) की गवाही देते हैं। इसका मतलब दो तरह से समझा जा सकता है:

  • उम्मत-ए-मुहम्मदिया (ﷺ) — जो क़यामत के दिन ये गवाही देगी कि हर पैग़म्बर ने अपनी उम्मत तक अल्लाह का पैग़ाम पहुँचा दिया था
  • या फिर ख़ुद पैग़म्बर — जो सबसे पहले अल्लाह की तौहीद और रिसालत की गवाही देने वाले होते हैं।

यह दुआ हमें सिखाती है कि:

  • ईमान और रसूल की इताअत के बाद
  • हमें अल्लाह से यह तमन्ना करनी चाहिए कि वह हमें हक़ के गवाहों में शामिल करे
  • यह दुआ सच्चे मोमिनों की पहचान है—जो हक़ को कुबूल करते हैं, उसकी गवाही देते हैं, और उसके लिए खड़े होते हैं

Ibn-Kathir

The tafsir of Surah Imran verse 53 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Imran ayat 52 which provides the complete commentary from verse 52 through 54.

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