लिप्यंतरण:( Yureedu ai yukhrijakum min ardikum famaazaa ta'muroon )
"यह चाहता है कि तुम्हें तुम्हारी ज़मीन से निकाल बाहर करे, तो अब तुम क्या मशविरा देते हो?"
फ़िरऔन के सरदारों ने मूसा अलैहिस्सलाम की दावत-ए-हक़ को साज़िश बना कर पेश किया, और कहा कि वो तुम्हें तुम्हारी ज़मीन से बेदख़ल करना चाहता है।
इसका मक़सद था लोगों को डराना और भड़काना, ताकि वो मूसा अलैहिस्सलाम के खिलाफ एकजुट हो जाएँ।
उन्होंने हक़ को सियासी खतरे में बदल दिया और कहा: अब बताओ, क्या हुक्म दिया जाए?
यह आयत दिखाती है कि ज़ालिम हुक्मरान हमेशा सच्चाई को दबाने के लिए इसे खतरा बताकर पेश करते हैं, ताकि अपनी सत्ता और ताक़त बचा सकें।
The tafsir of Surah Al-A’raf verse 110 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah A’raf ayat 109 which provides the complete commentary from verse 109 through 110.

सूरा आयत 110 तफ़सीर (टिप्पणी)