लिप्यंतरण:( Rabbi Moosaa wa Haaroon )
जो मूसा और हारून का रब है [255]
इस आयत में बयान है कि अल्लाह की असली पहचान उसके पैग़म्बरों के ज़रिये होती है। जादूगरों ने जब कहा कि हम उस रब पर ईमान लाए जो मूसा और हारून का रब है, तो उन्होंने साफ़ कर दिया कि अल्लाह को इंसानों के बनाये हुए दावों से नहीं, बल्कि उसके भेजे हुए रसूलों के ज़रिये जाना जाता है। असल ईमान वही है जो वही और नुबुव्वत के सहारे हो।
The tafsir of Surah Al-A’raf verse 122 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah A’raf ayat 117 which provides the complete commentary from verse 117 through 122.

सूरा आयत 122 तफ़सीर (टिप्पणी)