लिप्यंतरण:( Wa ulqiyas saharatu saajideen )
और जादूगर सज्दे में गिर पड़े [254]
जादूगरों का सज्दे में गिरना उनकी अपनी मर्ज़ी से नहीं था, बल्कि अल्लाह की हिदायत ने उनके दिलों और अंगों को झुका दिया। यह अचानक और सच्चा सज्दा इस बात की निशानी था कि उन्होंने मूसा अलैहिस्सलाम के मोजिज़े को देखकर हक़ को पहचान लिया। असल ईमान तभी दिल में उतरता है जब अल्लाह दिल को खोलकर इंज़ेबारी और ताबेदारी की तरफ़ मार्गदर्शन करता है।
The tafsir of Surah Al-A’raf verse 120 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah A’raf ayat 117 which provides the complete commentary from verse 117 through 122.

सूरा आयत 120 तफ़सीर (टिप्पणी)