लिप्यंतरण:( Wallazeena 'amilus saiyiaati summa taaboo min ba'dihaa wa aamanooo inna Rabbaka min ba'dihaa la Ghafoorur Raheem )
और जिन्होंने बुरे काम किए, फिर उसके बाद तौबा कर ली और ईमान ले आए, तो बेशक उसके बाद तुम्हारा रब बख़्शने वाला, मेहरबान है।
यह आयत उन लोगों के लिए है जिन्होंने गुनाह किए, मगर बाद में सच्चे दिल से तौबा की और ईमान ले आए। अल्लाह तआला उनके गुनाह माफ़ कर देता है और उन पर अपनी रहमत नाज़िल करता है। इससे मालूम हुआ कि चाहे गुनाह कितने भी बड़े क्यों न हों, अगर इंसान तौबा कर ले और ईमान के साथ अल्लाह की तरफ़ रुजू करे तो अल्लाह तआला उसको माफ़ कर देता है और अपनी रहमत में जगह देता है।
The tafsir of Surah Al-A’raf verse 153 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah A’raf ayat 152 which provides the complete commentary from verse 152 through 153.

सूरा आयत 153 तफ़सीर (टिप्पणी)