लिप्यंतरण:( Wa laqadis tuhzi'a bi-Rusulim min qablika fahaaqa billazeena sakhiroo minhum maa kaanoo bihee yastahzi'oon )
और बेशक (ऐ हबीब ﷺ)! आपसे पहले भी बहुत से रसूलों का मज़ाक उड़ाया गया, फिर जो उनका मज़ाक उड़ाते थे — उन्हें वही मज़ाक घेर लिया [20]।
इस आयत के ज़रिए हुज़ूर ﷺ को तसल्ली दी जा रही है कि
आपसे पहले भी नबी और रसूलों का मज़ाक उड़ाया गया था।
मगर आख़िरकार वही मज़ाक उड़ाने वाले,
अपने मज़ाक और इंकार के अंजाम में फँस गए।
यह दिखाता है कि
हक़ का मज़ाक उड़ाना कोई नई बात नहीं,
लेकिन अल्लाह की पकड़ और सज़ा हमेशा ऐसे लोगों को चारों तरफ़ से घेर लेती है —
कई बार उसी चीज़ के ज़रिए, जिसका उन्होंने मज़ाक उड़ाया होता है।
The tafsir of Surah Al-Anam verse 10 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Anam ayat 7 which provides the complete commentary from verse 7 through 11.

सूरा आयत 10 तफ़सीर (टिप्पणी)