लिप्यंतरण:( Unzur kaifa kazaboo 'alaaa anfusihim, wa dalla 'anhum maa kaanoo yaftaroon )
देखो तो सही! कैसे उन्होंने अपने ही ख़िलाफ़ झूठ बोला, और वह सब चीज़ें ग़ायब हो गईं जिन्हें वे गढ़ते थे [47]
क़ियामत के दिन यह बात बिलकुल वाज़ेह हो जाएगी कि काफ़िरों ने अपने ही ख़िलाफ़ झूठ बोला,
और वे सारे झूठे सहारे—जैसे बुत, पुजारी, जादूगर और साधु—ग़ायब हो जाएंगे,
जिन्हें उन्होंने अल्लाह का शरीक बनाकर गढ़ा था।
ये सब उनके धोखे से बनाए गए सहारे थे,
लेकिन आख़िरकार ये सब उनका साथ छोड़ देंगे,
और उनके अक़ीदे की हक़ीक़त और झूठ सबके सामने खुल जाएगी।
The tafsir of Surah Al-Anam verse 24 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Anam ayat 22 which provides the complete commentary from verse 22 through 26.

सूरा आयत 24 तफ़सीर (टिप्पणी)