लिप्यंतरण:( Qul seeroo fil ardi summan zuroo kaifa kaana 'aaqibatul mukazzibeen )
(आप फ़रमा दीजिए ऐ हबीब ﷺ:) "ज़मीन में चलो-फिरो [21], फिर देखो कि झुटलाने वालों का अंजाम क्या हुआ" [22]।
"ज़मीन में चलो-फिरो" का मतलब है —
उन इलाक़ों की सैर करो जहाँ पिछली क़ौमें अल्लाह के अज़ाब का शिकार हुईं,
और जिनके खंडहर आज भी बाक़ी हैं।
यह हुक्म फ़र्ज़ नहीं, बल्कि नसीहत के तौर पर दिया गया है —
ताकि इंसान सोचे, समझे और सबक ले।
जो लोग अल्लाह की नाफ़रमानी और तकब्बुर में डूबे रहे —
उनका अंत कैसा हुआ, ये देखना
ईमान में पुख़्तगी और अल्लाह के अज़ाब का एहसास पैदा करता है।
इसी तरह, अच्छे बंदों की क़ब्रों या मुक़द्दस जगहों की ज़ियारत भी
मोहब्बत, अदब और अल्लाह की इताअत को मज़बूत करती है।
इसलिए, सबक लेने और रूहानी क़ुर्ब हासिल करने वाला सफर — रहमत का ज़रिया है।
The tafsir of Surah Al-Anam verse 11 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Anam ayat 7 which provides the complete commentary from verse 7 through 11.

सूरा आयत 11 तफ़सीर (टिप्पणी)