लिप्यंतरण:( Inna maa too'adoona la aatinw wa maaa antum bimu'jizeen )
निश्चित रूप से जो चीज़ तुम्हें वादा की गई है [295], वह ज़रूर होकर रहेगी और तुम उसे रोक नहीं सकते।
यह आयत बताती है कि अल्लाह ने जो वादा किया है – चाहे वह मौत हो, क़ियामत हो या फिर अज़ाब (सज़ा) – वह हर हाल में अपने वक़्त पर पूरा होकर रहेगा।
इसमें कोई देरी हो तो उसे झुठलाना नहीं चाहिए, बल्कि उसे यक़ीनी समझकर उसकी तैयारी करनी चाहिए।
अल्लाह कमज़ोर नहीं है, वह कभी ख़िलाफ़-ए-वादा नहीं करता और न ही कोई उसकी क़ुदरत से बचकर निकल सकता है।
यह आयत इंसान को तकब्बुर छोड़ने, अल्लाह से डरने और नेक़ी अपनाने की दावत देती है, क्योंकि अल्लाह के फ़ैसले से भागने की कोई जगह नहीं।
The tafsir of Surah Al-Anam verse 134 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Anam ayat 133 which provides the complete commentary from verse 133 through 135.

सूरा आयत 134 तफ़सीर (टिप्पणी)