लिप्यंतरण:( Wa minal an'aami hamoolatanw wa farshaa; kuloo mimmaa razaqakumul laahu wa laa tattabi'oo khutuwaatish Shaitaan; innahoo lakum 'aduwwum mubeen )
और मवेशियों में से (अल्लाह ने पैदा किए) कुछ ऐसे जो बोझ उठाने वाले हैं और कुछ ऐसे जो ज़मीन से लगे छोटे जानवर [319] हैं। तो जो कुछ अल्लाह ने तुम्हें रिज़्क़ दिया है, उसमें से खाओ, और शैतान के क़दमों पर न चलो [320]; बेशक वह तुम्हारा खुला दुश्मन है।
अल्लाह ने मवेशियों की अलग-अलग क़िस्में पैदा कीं – कुछ बड़े जानवर जैसे ऊँट और बैल जो बोझ उठाते हैं, और कुछ छोटे जानवर जैसे बकरी, भेड़ और मुर्ग़ियाँ जो बोझ नहीं उठाते बल्कि ज़मीन पर रहते हैं। इन सबको अल्लाह ने इंसानों के लिए खाने और फ़ायदा उठाने के लिए बनाया है।
जिसे अल्लाह ने हलाल किया है, उसे हराम ठहराना शैतान के रास्ते पर चलना है। असल हक़ीक़त यह है कि जो चीज़ अल्लाह ने साफ़-साफ़ हराम नहीं की, वह जायज़ है। अगर कोई जानवर या चीज़ कभी मूर्तिपूजा या ग़ैर-अल्लाह के नाम से जोड़ी गई हो, लेकिन अगर उसे जायज़ तरीक़े से हासिल किया जाए तो वह हलाल ही है। इस तरह का हराम ठहराना शैतान की चाल है, और वह इंसान का खुला दुश्मन है।
The tafsir of Surah Al-Anam verse 142 by Ibn Kathir is unavailable here.
Please refer to Surah Anam ayat 141 which provides the complete commentary from verse 141 through 142.

सूरा आयत 142 तफ़सीर (टिप्पणी)